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D July to December 2025 (17)

  कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, हुक़ूमत इंसान को भेज सीवर में कहे मैला खसोट ले। उसी इंसान को कहती है, चुनाव में EVM से वोट दे।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, पागल कह के इतिहास में सच को दफ़नाया गया है। झूठ ने धर्म के भेष में यह इंसान से करवाया गया है।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, हुक़ूमत ने आवाम में ग़रीबो को अब पहचान लिया है। नाम छांट कर उनका नई वोटर लिस्ट से काट दिया है।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, प्रार्थना और ध्यान में दो बहुत ही अनूठी व्यवस्थाएं हैं। पहली में बाज़ारी शक्ति दूसरी में ख़ुदी से प्रार्थनाएं हैं।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, ख़ुद के लिए जो चाहते हो वो दूसरों के लिए भी चाहों। ख़ुशी अपने लिए मांगों तो दूसरों की खुशियों को चाहों।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, हुक़ूमत कांवड़ की आड़ में वोटर को टटोल रही है। धर्म की सभी कोशिशें धंधे सी गोल मटोल रही हैं।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, इस्तीफ़ा नहीं आवाम इसे रणछोड़ कहेगा। नरेंद्र मन से तैयार है अब राष्ट्रपति बनेगा।। कल शाम नुक्कड़ पर बुद्ध मिले कहते थे, धार्मि...

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